संसदीय समूह के कार्य

संसदीय समूह के कार्य

संसदीय समूह के कार्य

संसदीय समूह के कार्य
  • विभिन्न देशों के सांसदों के बीच आपसी संबंधों को बढ़ावा देना। 
  • महत्वपूर्ण मुद्दों पर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समय-समय पर संगोष्ठियां करना। 
  • भारत आने वाले विदेशी राज्याध्यक्षों का संबोधन एवं वार्ताओं का आयोजन करना। 
  • अंतर संसदीय संघ (आईपीयू) तथा राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) की मुख्य शाखा के रूप में कार्य करना
  • सर्वोत्कृष्ट सांसद पुरस्कार प्रदान करना (1995 से)।
  • संसदीय मित्रता समूहों का गठन करना जिनका उद्देश्य सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को बनाए रखना होता है, साथ ही संसदीय गतिविधियों, सूचनाओं एवं अनुभवों का आदान-प्रदान भी करते हैं।

अंतर संसदीय संघ (आईपीयू)

  • यह एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसमें 153 देशों की संसद शामिल है।
  • लक्ष्य – दुनिया भर में लोगों के बीच शांति एवं सहयोग स्थापित करना एवं सभी अंतरराष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर अपना विचार अभिव्यक्त करना जिससे संसदीय कार्यवाहियों का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।
  • कार्य – यह एक देश के संसद को अन्य देशों के संसदों से संपर्क बढ़ाने में मदद करता है।

आईपीयू की सदस्यता के प्रमुख लाभ

  1. अन्य देशों की यात्रा के दौरान यह वहां के सांसदों से मिलने जुलने में मदद करता है।
  2. यह विभिन्न देशों में आयोजन के जरिए समकालीन परिवर्तनों एवं सुधारों के अध्ययन एवं समझ बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।
  3. समूह के सदस्य अंतर संसदीय सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में विदेशों की यात्रा करने के लिए अर्ह होते हैं।

संसदीय संघ (सीपीए)

  • राष्ट्रमंडलीय यह लगभग 17000 राष्ट्रमंडल सांसदों का संघ है ।
  • लक्ष्य सामाजिक, आर्थिक, संवैधानिक, विधायी एवं सांस्कृतिक ज्ञान एवं समझ को बढ़ाना।

सीपीए की सदस्यता के प्रमुख लाभ

  1. अधिवेशन एवं सम्मेलनों में सभा गीता का अवसर मिलता है।
  2. अन्य राष्ट्रमंडल देशों के भ्रमण के समय सदस्यों के प्रति संसदीय शिष्टाचार बरता जाता है।
  3. सभी सदस्यों को ‘दी पार्लामेंटेरियन’ त्रैमासिक तथा न्यूज़ लेटर ‘फर्स्ट रीडिंग’ प्रत्येक दूसरे मां प्राप्त होता है।
  4. सीपीए सचिवालय केंद्र सदस्यों को संसदीय, संवैधानिक एवं राष्ट्रमंडलीय मुद्दों पर सूचनाएं प्रदान करता है।

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