संसदीय मंच

संसदीय मंच (फोरम)

संसदीय मंच

संसदीय मंच के उद्देश्य

  • संसदीय मंच का उद्देश्य संसद के सदस्यों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है जिसके माध्यम से वे संबंधित मंत्रियों विशेषज्ञों तथा नोडल प्रमुख नोडल अधिकारियों के साथ संपूर्ण विषय पर  संकेंद्रित एवं सार्थक चर्चा कर सकें।

फोरम का संरचना (संघटन)

  • कुल सदस्य – अधिकतम 31 (अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को छोड़कर)। लोकसभा से अधिकतम 21 और राज्यसभा से अधिकतम 10 सदस्य।
  • अध्यक्ष – लोकसभा के पदेन अध्यक्ष (परंतु जनसंख्या पर गठित फोरम तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गठित फोरम के अध्यक्ष राज्यसभा के सभापति होते हैं) 
  • फोरम के सदस्यों का चुनाव – अध्यक्ष/सभापति द्वारा नामित किए जाते हैं। 
  • फोरम के सदस्यों का कार्यकाल – सदन में सदस्यता रहने तक (स्वयं अपना त्यागपत्र अध्यक्ष या सभापति को दे सकता है)।
  • सदस्य संयोजक – फोरम के कार्यक्रमों एवं बैठकों का अध्यक्ष के परामर्श से संचालन करने हेतु अध्यक्ष द्वारा नियुक्त किया जाता है जो फोरम के सदस्यों में से कोई एक हो सकता है।

फोरम की स्थापना एवं कार्य
1. जल संरक्षण एवं प्रबंधन पर संसदीय फोरम (2005) 

  • कार्य – जल से संबंधित समस्याओं पर विचार विमर्श करना तथा उचित सुझाव देना एवं जल संरक्षण एवं कुशल प्रबंधन हेतु जागरूकता पैदा करना।

2. युवाओं पर संसदीय फोरम (2006) 

  • कार्य – युवाओं को उनके क्षमताओं के बारे में जागरूक करना तथा उन्हें मुख्य धारा में जोड़कर विकासात्मक कार्यों को आगे बढ़ाना।

3. बच्चों पर संसदीय फोरम (2006) 

  • कार्य – बच्चों के कल्याण एवं विकास को सुनिश्चित करने के लिए सांसदों में महत्वपूर्ण मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाना।

4. जनसंख्या एवं जन स्वास्थ्य पर संसदीय फोरम (2008) 

  • कार्य – बढ़ती हुई जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए उचित रणनीति बनाना एवं समाज में जागरूकता फैलाना साथ ही साथ जन स्वास्थ्य के बारे में भी चर्चा करना, उचित रणनीति बनाना और जागरूकता फैलाना।

5. भूमंडलीय उष्णता एवं जलवायु परिवर्तन पर संसदीय फोरम (2008) 

  • कार्य – भूमंडलीय उष्णता एवं जलवायु परिवर्तन से संबंधित समस्याओं पर चर्चा करना तथा उसे नियंत्रित करने का प्रयास करना साथ ही साथ राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संबंधित विशेषज्ञों के साथ संवाद करके इसके रोकथाम के उचित उपाय ढूंढना।

6. आपदा प्रबंधन पर संसदीय फोरम (2011) 

  • कार्य – आपदा के कारणों एवं प्रभाव के बारे में जागरूकता फैलाना तथा आपदा प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं की पहचान करना एवं उचित सुझाव देना ताकि सरकार/संबंधित संस्था उन पर विचार कर प्रभावी कार्यवाही कर सकें साथ ही राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से भी इस बारे में संवाद की जा सके।

7. शिल्पकारों एवं दस्तकारों पर संसदीय फोरम (2013) 

  • कार्य – शिल्पकारों एवं दस्तकारों के समस्याओं के प्रति सांसदों में जागरूकता बढ़ाना तथा संबंधित मंत्रालयों एवं सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद करना ताकि उनके कला और शिल्प का संरक्षण एवं संवर्धन किया जा सके।

8. सहस्राब्दी विकास लक्ष्य पर संसदीय फोरम (2013)

  • कार्य – सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में आने वाले अवरोधों या महत्वपूर्ण मुद्दों के बारे में संसद सदस्यों को जागरूक बनाना और इसकी समीक्षा करना। इसके अंतर्गत गरीबी, भुखमरी, सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा, यौन समानता, महिला सशक्तिकरण, शिशु मृत्यु में कमी, मातृ स्वास्थ्य में सुधार, मलेरिया तथा अन्य बीमारियों की रोकथाम शामिल है।

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